Qaafirana song - Arijit singh & Nikhita Gandhi Lyrics
| Singer | Arijit singh & Nikhita Gandhi |
| Music | Zee Music comapny |
| Song Writer | Amit Bhatcharya |
इन वादियों में टकरा चुके है
हमसे मुसाफिर यूँ तो कई
दिल न लगाया हमने किसी से
किस्से सुने है यूँ तो कई
ऐसे तुम मिले हो, ऐसे तुम मिले हो
जैसे मिल रही हो इत्र से हवा
काफिराना सा है इश्क़ है या क्या है
ऐसे तुम मिले हो, ऐसे तुम मिले हो
जैसे मिल रही हो इत्र से हवा
काफिराना सा है इश्क़ है या क्या है
खामोशियों में बोली तुम्हारी कुछ इस तरह गूँजती है
कानो से मेरे होते हुए वो दिल का पता ढूँढ़ती है
वेस्वादियों में वेस्वादियों में जैसे मिल रहा हो कोई जायका
काफिराना सा है इश्क़ है या क्या है
ऐसे तुम मिले हो, ऐसे तुम मिले हो
जैसे मिल रही हो इत्र से हवा
काफिराना सा है इश्क़ है या क्या है
गोदी में पहाड़ियों की उजली दोपहरी गुजारना
हाय हाय तेरे साथ मे अच्छा लगे
शर्मिली अँखियों से तेरा मेरी नज़रे उतारना
हाय हाय हर बात पे अच्छा लगे
ढलती हुई शाम ने बताया है कि दूर मंज़िल पे रात है
मुझको तसल्ली है ये कि होने तलक रात हम दोनों साथ हैं
संग चल रहे है, संग चल रहे है धूप के किनारे छाँव के तरह
काफिराना सा है इश्क़ है या क्या है
ऐसे तुम मिले हो, ऐसे तुम मिले हो
जैसे मिल रही हो इत्र से हवा
काफिराना सा है इश्क़ है या क्या है

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